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ज्योतिष जर्नल

अपने आकाशीय मानचित्र को समझें

जन्म कुंडली, राशियों, भावों, ग्रहों, दृष्टियों और निजी कहानी को आकार देने वाली प्रवृत्तियों की स्पष्ट और संतुलित व्याख्या।

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सभी प्रकाशित गाइड

193–202 तक, कुल 202 गाइड।

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ज्योतिष में स्टेलियम

स्टेलियम एक राशि, एक भाव या दोनों में केंद्रित ग्रहों का समूह है। कई आधुनिक ज्योतिषी तीन या अधिक ग्रह मानते हैं। कठोर परंपराएँ चार ग्रह, गिने जाने वाले पिंडों की सीमा या निकट युति माँग सकती हैं।

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ज्योतिष में खाली भाव

खाली भाव जन्मकुंडली का ऐसा भाव है जिसमें कोई जन्मकालीन ग्रह नहीं होता। दस ग्रह बारह भावों में बँटते हैं, इसलिए हर कुंडली में सामान्यतः कुछ भाव खाली होते हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि संबंधित जीवन-क्षेत्र अनुपस्थित, दुर्भाग्यपूर्ण या महत्वहीन हैं।

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जन्म कुंडली का स्वामी: कैसे खोजें और समझें

कुंडली स्वामी लग्न पर स्थित राशि से जुड़ा ग्रह है। मेष लग्न हो तो मंगल और तुला लग्न हो तो शुक्र कुंडली का स्वामी होता है। ज्योतिषी इस ग्रह से समझते हैं कि कुंडली की समग्र दिशा दैनिक जीवन में कैसे उतरती है।

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ज्योतिषीय दृष्टियाँ: युति, वर्ग, त्रिकोण और अन्य

ज्योतिषीय दृष्टियाँ ग्रहों के बीच कोणीय संबंध हैं। वे दिखाती हैं कि दो ग्रहों के कार्य मिलते हैं, आमने-सामने आते हैं, घर्षण पैदा करते हैं या अपेक्षाकृत सहजता से सहयोग करते हैं। दृष्टियाँ ग्रह-स्थितियों की सूची को एक परस्पर जुड़ी कुंडली में बदल देती हैं।

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ज्योतिष में ग्रह: हर ग्रह क्या दर्शाता है

ज्योतिष में ग्रह जन्म कुंडली के भीतर काम करने वाले कार्यों को दर्शाते हैं। सूर्य पहचान और जीवनशक्ति को संगठित करता है, चंद्रमा सहज प्रवृत्ति और स्मृति से प्रतिक्रिया देता है, बुध व्याख्या करता है, शुक्र मूल्य तय करता है, मंगल कार्य करता है, बृहस्पति विस्तार करता है और शनि सीमाएँ तय करता है। यूरेनस, नेपच्यून और प्लूटो धीमी सामूहिक प्रक्रियाएँ बताते हैं जो भाव और दृष्टियों से व्यक्तिगत बनती हैं।

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ज्योतिष के 12 भाव: अर्थ और जीवन-क्षेत्र

ज्योतिष के 12 भाव जन्म कुंडली को जीवन-क्षेत्रों में बाँटते हैं। ग्रह बताते हैं क्या हो रहा है, राशियाँ बताती हैं कैसे, और भाव बताते हैं कि वह प्रवृत्ति कहाँ व्यक्त होती है: पहचान, धन, सीख, घर, रचनात्मकता, काम, संबंध, साझा संसाधन, अर्थ, पेशा, समुदाय या निजी एकांत में।

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चंद्र राशि क्या है? जन्म कुंडली में भावनात्मक ज़रूरतें

चंद्र राशि वह राशि है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था। जन्म ज्योतिष में यह भावनात्मक ज़रूरतें, परिचित प्रतिक्रियाएँ, स्मृति, लगाव और वह निजी लय बताती है जिससे बाहरी दुनिया के दबाव के बाद आप फिर संतुलित होते हैं।

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लग्न राशि क्या है? अर्थ, जन्म समय और पहला भाव

लग्न राशि, जिसे असेंडेंट भी कहते हैं, वह राशि है जो आपके जन्म के समय और स्थान पर पूर्वी क्षितिज से उदित हो रही थी। यह दिन भर बदलती है, इसलिए इसकी गणना में सटीक जन्म समय सूर्य राशि से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण है।

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सूर्य, चंद्र और लग्न: अपने बिग थ्री को समझें

अधिकांश लोग ज्योतिष से पहली बार अपनी सूर्य राशि के माध्यम से परिचित होते हैं। यह जन्मदिन से जुड़ी राशि है और अख़बारों के राशिफल में इसी का उपयोग होता है। पूरी जन्म कुंडली में इससे कहीं अधिक जानकारी होती है, लेकिन सूर्य, चंद्र और लग्न राशि मिलकर एक उपयोगी प्रारंभिक चित्र देते हैं। ज्योतिषी इन्हें अक्सर ‘बिग थ्री’ कहते हैं।

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जन्म कुंडली कैसे पढ़ें: ग्रह, राशियाँ और भाव

पहली बार जन्म कुंडली खोलने पर वृत्त प्रतीकों, रेखाओं, अंकों और खंडों से भरा लग सकता है। हर स्थिति पर क्लिक करके वर्णनों की लंबी सूची जमा करने का मन होता है। उससे जानकारी मिलती है, पर पूरा चित्र विरले ही मिलता है। कुंडली तब अर्थपूर्ण होती है जब आप देखें कि कौन-से विषय दोहरते हैं और कौन-सी स्थितियाँ बाकी को आकार देती हैं।

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