ज्योतिष में प्राथमिक दिशाएँ: विधि और समय-कुंजियाँ
प्राथमिक दिशाएँ आकाशीय गोले के दिखाई देने वाले दैनिक घूर्णन पर आधारित पारंपरिक ज्योतिषीय समय-निर्धारण तकनीक हैं। किसी दिशा में प्रोमिसर कहलाने वाले जन्मकालीन कारक को सिग्निफिकेटर कहलाने वाले दूसरे कारक की स्थिति, दृष्टि या स्थिति-वृत्त की ओर ले जाया जाता है। प्राप्त चाप को चुनी गई समय-कुंजी से जीवन के प्रतीकात्मक वर्षों में बदला जाता है।
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