ज्योतिष में डिस्पोजिटर: शृंखलाएँ और अंतिम डिस्पोजिटर
ज्योतिष में डिस्पोजिटर उस राशि का स्वामी है जिसमें कोई ग्रह स्थित है। बुध मेष में हो तो मंगल बुध का डिस्पोजिटर है, क्योंकि मंगल मेष का स्वामी है। मंगल कर्क में हो तो चंद्रमा मंगल का डिस्पोजिटर है। हर अगले स्वामी का अनुसरण करने से डिस्पोजिटर शृंखला बनती है। यह अपनी राशि में स्थित ग्रह पर समाप्त हो सकती है, पारस्परिक रिसेप्शन का चक्र बना सकती है या बड़े बंद चक्र में चल सकती है।
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